माइलो और बिस्तर के नीचे का राक्षस

माइलो और बिस्तर के नीचे का राक्षस


माइलो को यक़ीन है कि उसके बिस्तर के नीचे एक राक्षस रहता है और वह हर रात मम्मी-पापा के कमरे में जा छुपता है। डॉ. जोजो अपने ब्रेव-ओ-स्कोप टॉर्च से उसे दिखाते हैं कि वह "राक्षस" बस एक मोज़ा और एक डायनासोर का खिलौना है — और अंधेरे में हमारी आँखें ठीक से देख नहीं पातीं, इसलिए दिमाग़ कभी-कभी कोई डरावनी चीज़ का अंदाज़ा लगा लेता है।

हर रात लाइट बुझते ही माइलो के बिस्तर के नीचे कुछ खुरचने लगता।

खर्र। सर्र। ठक।

माइलो कंबल नाक तक खींचता, तीन तक गिनता और भागकर मम्मी-पापा के कमरे में पहुँच जाता।

“उसके पंजे हैं,” उसने मम्मी को बताया, “और शायद सात घुटने भी।”

तीसरी अधूरी नींद के बाद मम्मी उसे डॉ. जोजो के क्लिनिक ले गईं। डॉ. जोजो ने ध्यान से सुना और कागज़ पर लिखा:

शायद राक्षस। सात घुटने। धूल में रहता है।

“जाँच करनी पड़ेगी,” उन्होंने कहा।

उस शाम डॉ. जोजो चाँदी की टॉर्च, बड़ा शीशा और चीज़ वाले बिस्कुट लेकर आए। टॉर्च का नाम था ब्रेव-ओ-स्कोप।

“क्या बिस्कुट से राक्षस पकड़े जाएँगे?” माइलो ने पूछा।

“नहीं, ये उन जासूसों के लिए हैं जिनका खाना छूट गया।”

उन्होंने लाइट बुझाई। तुरंत आवाज आई।

खर्र। सर्र। ठक।

माइलो ने डॉ. जोजो की बाँह पकड़ ली।

“जासूस का पहला नियम,” डॉक्टर फुसफुसाए, “अंदाज़ा लगाने से पहले सुनो। आवाज कहाँ से शुरू हुई?”

माइलो ने खिड़की वाली तरफ इशारा किया। दोनों ने टॉर्च जलाई। एक स्वेटर छोटी पहाड़ी जैसा लग रहा था। डायनासोर का खिलौना दूसरी पहाड़ी बना था। धारीदार मोज़ा पूँछ की तरह मुड़ा पड़ा था।

तभी कुछ हिला।

माइलो चीखा। डॉ. जोजो ने रोशनी घुमाई। चाबी वाला खिलौना पेंगुइन मोज़ा घसीटता हुआ बाहर आया। उसकी लोहे की चाबी फर्श पर घिस रही थी।

खर्र। सर्र। ठक।

माइलो इतनी जोर से हँसा कि नीचे बैठ गया। “राक्षस के दो पैर और एक मोज़ा है!”

खिड़की खुली थी। हवा से परदा हिलता और एक कंचा पेंगुइन की चाबी से टकराता। फिर पेंगुइन बिस्तर के नीचे चल पड़ता।

उन्होंने कंचा डिब्बे में रखा, खिलौने शेल्फ पर पहुँचाए और मोज़ा कपड़ों की टोकरी में डाला।

“अँधेरे में मामूली चीज़ भी बहुत बड़ी लग सकती है,” डॉ. जोजो बोले। “छोटी-सी रोशनी और ध्यान से देखने पर राज खुल जाता है।”

जाते समय उन्होंने एक रात के लिए ब्रेव-ओ-स्कोप माइलो की मेज़ पर रख दिया।

माइलो ने नीला हाथी पकड़ा और लाइट बुझाई। थोड़ी देर बाद कुछ सरसराया। उसने लंबी साँस ली और टॉर्च जलाई।

धारीदार मोज़ा टोकरी से गिर गया था।

“फिर आ गए?” माइलो ने कहा। वह मोज़ा वापस रखकर बिस्तर में घुसा और सुबह तक सोया।

सात घुटनों वाला राक्षस फिर कभी नहीं आया।