नई लड़की का कोड

नई लड़की का कोड


नई लड़की नैना सारा की नोटबुक और जासूसी चाल की नकल करती है। फिर एक मुश्किल कोड, पीला लिफ़ाफ़ा और मूँछों वाले नींबू बताते हैं कि नैना अपने साथ कितने नए राज़ लाई है।

नैना सोमवार को कक्षा में आई। उसकी दो चोटियाँ थीं, पीला पेंसिल बॉक्स था और चेहरा ऐसा था जैसे बाकी सबको कोई गुप्त नियम पता हो।

सारा ने अपने पास वाली कुर्सी खिसकाई। “यहाँ बैठ जाओ। मेज़ की बाईं टाँग लिखते समय हिलती है।”

मंगलवार को नैना सारा जैसी बैंगनी नोटबुक लाई। बुधवार को उसने पन्ने पर वैसे ही छोटे तारे बनाए। गुरुवार को वह नींबू चावल लाई, क्योंकि सारा ने उसे सबसे अच्छा सोचने वाला खाना बताया था।

शुक्रवार को नैना ने एक भौंह उठाकर पेंसिल दो बार टप-टप की। बिल्कुल सारा की तरह।

“वह मेरी पूरी जासूसी चाल कॉपी कर रही है,” सारा ने माया से कहा।

“शायद उसे अच्छी लगती है।”

“मेरी चाल कोई स्कूल की बेंच नहीं, जिस पर कोई भी बैठ जाए।”

उसी दिन मिस जून ने अंकों और अक्षरों वाला गुप्त संदेश दिया। सारा और नैना दोनों ने एक साथ कागज़ पकड़ा।

“मुझे कोड आते हैं,” नैना बोली।

“मुझे भी।”

सारा ने लगाया—क बराबर एक, ख बराबर दो। पहली लाइन बनी, दूसरी से निकला: तीन मोज़े चाँद वाली अलमारी में रखो।

कबीर खुश हो गया। “आख़िर स्कूल का कोई काम मेरी समझ का है।”

सारा ने अक्षर उल्टे किए, हर दूसरा अंक पढ़ा और कागज़ को घूरकर डराया। कुछ नहीं हुआ।

नैना ने अपने डिब्बे पर चार बार टप-टप किया। “मेरे पुराने स्कूल में हम कागज़ मोड़कर आईने वाला कोड पढ़ते थे।”

उसने पन्ना मोड़ा। सही संदेश निकला: कक्षा की घड़ी के नीचे देखो।

घड़ी के नीचे पीला लिफ़ाफ़ा था। उसमें खाली कार्ड और एक काम था—ऐसा कोड बनाओ जिसे कोई और न खोल सके।

नैना ने अपने कार्ड पर नींबू बनाए। किसी के बाल थे, किसी की टोपी और एक की बड़ी मूँछ।

“ये अक्षर हैं?” सारा ने पूछा।

नैना ने कार्ड ढक लिया। “जासूस हर राज़ नहीं बताते।”

सारा हँस पड़ी।

लंच में उसने पूछा, “तुम मेरी तरह चीज़ें क्यों ला रही थीं?”

नैना ने धीमे से कहा, “पुराने स्कूल में मेरे दोस्त थे। यहाँ सबके दोस्त पहले से हैं। तुम ऐसी लगीं जैसे तुम्हें पता है क्या करना चाहिए। मैंने सोचा, तुम्हारी तरह बनूँगी तो शायद यहाँ अपनी जगह मिल जाएगी।”

सारा ने उसके मूँछ वाले नींबू को देखा। वह खुद कभी ऐसा नहीं बनाती।

“हमारे साथ बैठो,” उसने कहा। “पर अपने वाले कोड लाना। वे ज़्यादा अजीब हैं।”

अगले शुक्रवार तीन अलग नोटबुक खुलीं और पीले कार्ड पर बने मूँछ वाले नींबू ने सबको खूब उलझाया।

सारा ने लिखा: बैंगनी नोटबुक और पीली नोटबुक—दोगुने कोड, चार गुना नींबू।