माय लॉर्ड बैग ऑफ़ राइस: सेता पुल का ड्रैगन

माय लॉर्ड बैग ऑफ़ राइस: सेता पुल का ड्रैगन


फुजिवारा हिदेसातो विशाल ड्रैगन के ऊपर से गुजरता है और बिवा झील पर हमला करने वाले कनखजूरे पर तीन तीर चलाता है।

योद्धा फुजिवारा हिदेसातो बिवा झील के सेता पुल पर पहुँचा तो उसने एक बहुत बड़े नाग को एक किनारे से दूसरे किनारे तक सोते देखा।

उसकी चमड़ी भीगे कवच जैसी चमक रही थी। आँखों के ऊपर दो सींग मुड़े थे। हर साँस से नीचे झील का पानी हिल जाता था।

दूसरे मुसाफिर डरकर अपनी टोकरियाँ और चप्पलें छोड़ भागे थे। हिदेसातो ने बस तलवार की पेटी कसी, नाग की पीठ पर चढ़ा और उसके ऊपर से चलता हुआ पुल पार कर गया।

पीछे से आवाज आई, “रुको!”

नाग गायब था। उसकी जगह सुंदर कपड़े पहना आदमी खड़ा था।

“मैं बिवा झील का ड्रैगन राजा हूँ,” उसने कहा। “कई महीनों से मिकामी पहाड़ का विशाल कनखजूरा मेरे महल पर हमला कर रहा है। मैं पुल पर इसलिए लेटा था कि कोई ऐसा इंसान मिले जिसकी हिम्मत चमड़ी पर चमकते बड़े शल्क देखकर गायब न हो जाए।”

हिदेसातो ने काले पहाड़ की ओर देखा। “मुझे उस कनखजूरे के पास ले चलो।”

ड्रैगन राजा उसे झील के नीचे ले गया। वे हरे शीशे जैसे पानी में चलते हुए मूँगे, मोती और सीप के महल पहुँचे। रात के खाने में मछलियाँ चाँदी की थालियाँ ला रही थीं और छोटे केकड़े प्याले लेकर तिरछे चल रहे थे।

अचानक सारी बत्तियाँ बुझ गईं।

झील के पार मिकामी पहाड़ पर दो लाल रोशनियाँ दिखाई दीं। वे दीपक नहीं, आँखें थीं।

विशाल कनखजूरा पहाड़ से नीचे उतर रहा था। उसका शरीर पहाड़ के चारों ओर दो बार लिपटा था और उसके पैर चट्टानों से चिंगारियाँ निकाल रहे थे।

हिदेसातो महल की बालकनी पर जमकर खड़ा हुआ और बड़ा धनुष खींचा। पहला तीर कनखजूरे के सिर से टकराया—और उछलकर पानी में गिर गया।

दूसरा तीर सख्त खोल पर टूट गया।

अब केवल एक तीर बचा था।

हिदेसातो को पुरानी बात याद आई कि इंसान की लार कनखजूरे का जादू तोड़ सकती है। उसने तीर की नोक मुँह से गीली की, उसे धनुष पर रखा और सही पल का इंतजार किया।

लाल आँखें पास आने लगीं। महल हिला। एक तिरछा चलने वाला केकड़ा घबराकर भूल गया कि उसे किस ओर भागना है।

हिदेसातो ने दोनों आँखों के बीच निशाना लगाया और तीर छोड़ दिया।

झील के ऊपर बादल फटा। पहाड़ पर बिजली चमकी। कनखजूरा एक बार बुरी तरह मरोड़ा, फिर चट्टानों पर फिसलकर शांत पड़ गया।

एक पल कोई नहीं हिला।

फिर महल की सारी बत्तियाँ जल उठीं। ड्रैगन राजा के बच्चे बालकनी पर दौड़े आए और कमरों में संगीत बजने लगा। बाहर झील का पानी इतना शांत हुआ कि उसमें मिकामी पहाड़ उलटा दिखाई देने लगा।

हिदेसातो ने धनुष अपने पास रख दिया। रात में तीन तीर गए थे। उनमें से एक ने पूरी झील को शांति लौटा दी थी।