अलादीन: राजकुमारी की चतुर योजना

अलादीन: राजकुमारी की चतुर योजना


जादूगर का भाई फ़ातिमा नाम की नेक औरत का भेस बनाकर महल में आता है और रॉक पक्षी का अंडा माँगता है, मगर चिराग़ वाले जिन्न की चेतावनी से उसकी चाल खुल जाती है।

राजकुमारी की नींद वाली दवा के बाद अफ़्रीकी जादूगर कभी नहीं जागा। मगर बहुत दूर उसके छोटे भाई को उसकी मौत का पता चल गया। वह भी जादू जानता था और बदला लेने के लिए उससे ज़्यादा बेचैन था।

वह चीन पहुँचा और नगर में सबसे माने जाने वाले इंसान का नाम पूछा। लोगों ने फ़ातिमा नाम की फ़कीर औरत के बारे में बताया। कहा जाता था कि उसकी दुआ से सिर और घुटनों का दर्द ठीक होता है।

जादूगर ने फ़ातिमा का अकेला घर खोजा, उसका घूँघट और कपड़े चुराए, फिर उसका रूप बनाकर महल की ओर चला। रास्ते में लोग झुककर नमस्ते करते रहे।

राजकुमारी बदरुलबदूर ने “फ़ातिमा” को भीतर बुलाया। नकली फ़कीर ने हर मेहराब और फव्वारे की तारीफ़ की।

“बस एक चीज़ कम है,” जादूगर बोला। “बड़े कमरे के बीच रॉक नाम के विशाल पक्षी का अंडा लटका दो। फिर ऐसा महल कहीं नहीं होगा।”

शाम को राजकुमारी ने अलादीन को बात बताई। उसे खुश करने के लिए अलादीन ने बत्ती रगड़कर बड़ा अंडा माँगा।

जिन्न की आवाज़ से कमरा काँप गया।

“तुम मेरे मालिक को अपनी छत पर लटकाना चाहते हो? यह बात अफ़्रीकी जादूगर के भाई ने डाली है। वह फ़ातिमा बनकर तुम्हारे महल में बैठा है।”

अलादीन समझ गया। वह सिरदर्द का नाटक करते हुए बिस्तर पर गया और फ़कीर को बुलाया।

बदला लेने वाला जादूगर कपड़े में छुरा छिपाकर आया। वह पास झुका तो अलादीन ने कलाई पकड़ ली। पहरेदार दौड़े, नकली घूँघट हटाया और उसे जेल ले गए। इस बार कोई मंत्र, चूरा या उड़ता महल उसे नहीं बचा सका।

अलादीन ने बदरुलबदूर को गुफा, बत्ती और दोनों जादूगरों की पूरी बात बताई। वह हाथ बाँधकर सुनती रही।

“चमकती हाँडी के बदले इसे देने से पहले यह बात काम आ सकती थी,” वह बोली।

दोनों ने बत्ती पत्थर के कमरे में बंद की, जिसका दरवाज़ा केवल वे खोल सकते थे। अंगूठी पास रखी, हालाँकि माँ का कहना था कि किसी समझदार घर में छत फोड़कर आने वाले दो जिन्न ज़रूरी नहीं होते।

सालों बाद अलादीन सुल्तान बना। बदरुलबदूर उसके साथ राज चलाती और हर अजीब व्यापारी, फ़कीर, टोकरी, बत्ती या बड़े पक्षी के अंडे पर नज़र रखती। चौबीस खिड़कियों वाला महल नगर के ऊपर चमकता रहा।

बाज़ार में कोई नामुमकिन सौदा बताता तो बच्चे हँसते और अपनी पुरानी बत्तियाँ बहुत ध्यान से सँभालते।