क्रिसमस कैरोल: वर्तमान क्रिसमस

क्रिसमस कैरोल: वर्तमान क्रिसमस


दूसरी आत्मा स्क्रूज को गर्म घर, गरीब परिवार और वह आनंद दिखाती है जिसे बहुत पैसे की ज़रूरत नहीं होती।

"अंदर आओ!" वर्तमान क्रिसमस की आत्मा गरजी।

स्क्रूज ने चारों ओर देखा। उसका कमरा कभी इतना खुश नहीं लगा था। वह खुद भी अपने ऊपर थोड़ा शर्मिंदा मालूम पड़ता था।

आत्मा उसे लंदन में ले गई।

उन्होंने लोगों को भोजन खरीदते, पड़ोसियों को नमस्ते करते, दरवाज़ों में हँसते और पतले कोट होने पर भी एक-दूसरे को मेरी क्रिसमस कहते देखा।

फिर वे बॉब क्रैचिट के घर गए।

घर छोटा था, और भोजन भव्य नहीं था। पर सब मदद कर रहे थे। मिसेज़ क्रैचिट हिला रही थीं। बच्चे मेज़ लगा रहे थे। बॉब का सबसे छोटा बेटा नन्हा टिम पिता के कंधे पर आया, छोटी बैसाखी और चमकती मुस्कान के साथ।

"ईश्वर हम सबको आशीर्वाद दे," नन्हे टिम ने कहा।

स्क्रूज चुपचाप सुनता रहा।

"क्या बच्चा जीवित रहेगा?" उसने पूछा।

आत्मा का चेहरा गंभीर हो गया। "अगर ये परछाइयाँ न बदलीं, तो शायद नहीं।"

स्क्रूज ने सिर झुका लिया।

वे स्क्रूज के भतीजे के घर भी गए, जहाँ लोग अंकल स्क्रूज के चिड़चिड़ेपन पर हँसे, पर फिर भी उसका भला चाहते थे।

“वह अजीब बूढ़े हैं,” फ्रेड बोला, “पर मैं उन्हें बुलाता रहूँगा।” मेहमानों ने अंदाज़ा लगाने वाला खेल खेला। अदृश्य स्क्रूज इतनी खुशी से जवाब देता रहा कि भूल गया—कोई उसकी आवाज़ सुन ही नहीं सकता।

स्क्रूज को एक अजीब दर्द महसूस हुआ। वह अपच नहीं था, हालाँकि पहले उसे वही शक हुआ।

रात खत्म होने लगी तो आत्मा उसकी आँखों के सामने बूढ़ी होने लगी। उसके चोगे के नीचे दो दुबले और डरे बच्चे थे। उनके नाम गरीबी और अनजानपन थे। आत्मा ने स्क्रूज को दोनों से आँख न फेरने की चेतावनी दी।

आत्मा ने दोनों बच्चों को चोगे में छिपा लिया। उसके गंभीर चेहरे से स्क्रूज समझ गया कि नगर को उनकी ओर से आँखें नहीं फेरनी चाहिए।

घड़ी ने बारह बजाया।

दूसरी आत्मा गायब हो गई।

काली चादर में लिपटी एक चुप आकृति स्क्रूज के सामने खड़ी थी। उसने कुछ नहीं कहा। एक परछाईं जैसा हाथ आने वाले समय की गली की ओर उठा और डरा हुआ स्क्रूज उसके पीछे चला।